Friday, June 25th, 2021

Rabindranath Tagore नोबल पुरस्कार प्राप्त रविंद्रनाथ टैगोर थे साहित्य जगत के अनमोल धरोहर

Rabindranath Tagore नोबल पुरस्कार प्राप्त रविंद्रनाथ टैगोर थे साहित्य जगत के अनमोल धरोहर

Rabindranath Tagore नोबल पुरस्कार प्राप्त रविंद्रनाथ टैगोर थे साहित्य जगत के अनमोल धरोहर
: नई दिल्ली,(न्यूज़ हसल इंडिया), भारत के महान साहित्यकारों में रविंद्रनाथ टैगोर Rabindranath Tagore का नाम आता है। वह एक मशहूर हस्ती थे जो भारतीय साहित्य जगत के उस अनमोल हीरे की तरह थे।

जिसकी कीमत अमूल्य होती है। इनका जन्म 7  मई 1861 को कोलकाता में हुआ था। रविंद्रनाथ टैगोर में बहुत से गुणों का समावेश था। वे ऐसे शिक्षीत और गुणी परिवार से ताल्लुक रखते थे कि इनके सबसे बड़े भ्राता द्विजेन्द्र नाथ एक दार्शनिक और कवी थे और दूसरी तरफ सत्येन्द्रनाथ टैगोर शासकीय सिविल सर्विसेस में जाने वाले प्रथम भारतीय व्यक्ति थे। इनके एक और भाई उपन्यासकार और साहित्यकार भी थे। इस प्रकार रविंद्रनाथ टैगोर में साहित्य के प्रति रूचि होना,

उनेक एक अच्छे वातावरण में परवरिश के कारण भी था । रविंद्रनाथ टैगोर एक ऐसे साहित्यकार थे। जिन्हें नोबल पुरस्कार प्राप्त हुआ था। रविंद्रनाथ टैगोर ने ही भारत जैसे लोकतांतिक गणराज्य को राष्ट्रगान “जन गण मन” दिया और बांग्लादेश के लिए “आमार सोनार बांग्ला” राष्ट्रगान भी दिया। रविंद्रनाथ की कला में रूचि इतनी अधिक थी कि उन्होंने संगीत और चित्रकारी में काफी रूचि दिखाई।

कहते हैं यदि इंसान में सीखने की ललक हो तो उसके लिए उम्र की नहीं दिल में जूनून और जस्बे की जरूरत होती है। इसी जोश और जस्बे के चलते रविंद्रनाथ ने 2230  गीतों की रचना की। इन गीतों को रविंद्रनाथ गीत भी कहा जाता है। उन्होंने अपनी कला में इतनी अधिक महारत हासिल कर ली कि उनकी चित्रकला में पाश्चात्य शैली का मिश्रण देखने को मिलता था।

वह जीवन के अंतिम समय तक पद्य और गद्य की रचना करने लगे थे। जीवन के अंतिम पड़ाव में लम्बी बीमारी के चलते उनका 7 अगस्त 1947  को उनका निधन हो गया। रविंद्रनाथ टैगोर के निधन के बाद इन महान व्यक्तियों को भी उनके श्रेष्ठ कार्य के लिए नोबल पुरस्कार मिला है जो कि सच में सराहनीय है। इनमें अमर्त्य सेन का नाम आता है।

जिनका जन्म 1933 में हुआ था। उन्हें 1998  में नोबल पुरस्कार मिला है। इसके अलावा सुब्रमण्यम चंद्रशेखर जिन्हें 1983 में भौतिक शास्त्र के लिए नोबल पुरस्कार मिला है। इसके अलावा मदर टेरेसा को 1979 में नोबल पुरुस्कार मिला है। हरगोबिंद खुराना को चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसन्धान करने के लिए और चंद्रशेखर वेंकटरमन को भौतिक शास्त्र के लिए नोबल पुरस्कार मिला है।

Leave a Reply

x
%d bloggers like this: