Wednesday, December 8th, 2021

पहलीबार पुलिस जवानों की पहरेदारी में प्रगट हुए रामलला , कोरोना ने रामनवमी उत्सव को लगाया ग्रहण

रायपुर,न्यूज हसल इंडिया, पूरे देश मे आज रामनवमी महामारी की पीड़ा को झेलते दंश के बीच रामनवमी मनाया जा रहा है । भारत के क़ई हिस्सों में मन्दिर देवालय बन्द है ।जहां मंदिरें शुरू है वहां लाशों की चर्चा है । पहलीबार ऐसा नजारा देश के सामने उपस्थित हुआ है जब मन्दिर देवालय के साथ रामनवमी के दिन लोगों के दिलों दिमाग भी बन्द मिले हैं । चारों तरफ केवल महामारी है लाशें हैं और मजबूरियां है । रामनवमी के दिन मंदिरों में रहने वाली भीड़ अस्पताल पहुंच गई है जहां भर्ती परिजन दवा ऑक्सीजन के अभावों में दम तोड़ रहें हैं । आदमी कहें या सरकार सिर्फ बेबसी और लाचारी है । मरीजों का रेलमपेल लगा हुआ है ।

अस्पताल में बिस्तर खाली नहीं है। जिन्हें बिस्तर मिला है उनको न दावा मिल पा रही है न आक्सीजन । देश मे आक्सीजन का जबरदस्त अभाव है । बहुत से कोरोना पेसेंट सिर्फ आक्सीजन की कमी मि वजह से दम तोड़ रहें हैँ । महाराष्ट्र, दिल्ली,मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में हालात बहुत बुरी बनी हुई है ।अरविंद केजरीवाल बार बार यह बता रहें हैं कि उनके यहां आक्सीजन की बहुत किल्लत है । वे प्रधानमन्त्री,गृहमंत्री और स्वास्थ्यमंत्री डॉ हर्षवर्धन के संपर्क में हैं बावजूद भी वे आक्सीजन की कमी पूरा नहीं कर पा रहें हैं । हाहाकार मचा हुआ है । केजरीवाल को नाइट कर्फ्यू के बाद लॉक डाउन भी लगाना पड़ा । महाराष्ट्र में भी काफी बंदिशों के बीच नाइट कर्फ़्यूऔर लॉक डाउन जारी है । मध्यप्रदेश में लॉक डाउन और नाइट कर्फ्यू है । वहीं छत्तीसगढ़ के सभी 29 जिलों में लॉक डाउन लगा हुआ है । ऐसे में भगवान राम का जन्म केवल दो चार पुजारियों की उपस्थिति में मंदिर में हुआ है ।जहां आज न कोई प्रसाद लेने जा पा रहा है न ही रामलला का दर्शन करने । बहुत से पैसे वाले जो मन्दिर है उनकी समितियों ने ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था की है ।रायपुर में ऐतिहासिक मन्दिर दुधाधारी मठ मन्दिर में भी ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था है । वहां के ट्रस्ट के अधयक्ष महंत डॉ रामसुंदसरदास ने बताया कि इस बार रामनवमी में श्रद्धालुओं के प्रत्यक्ष दर्शन पर लॉक डाउन की वजह से रोक है पर ऑनलाइन दर्शन की भी व्यवस्था है । इस बार भगवान का स्वर्ण श्रृंगार नहीं किया गया है क्योंकि पूरे देश मे शोक का माहौल है । हजारों की संख्या में हमारे भी बंधु परिजन काल के गाल में समा रहें हैं ऐसे में स्वर्ण श्रृंगार उचित नही है अतः सादा परिधान में ही रामलला का जन्म उत्सव केवल मन्दिर पुजारियों की उपस्थिति में हुआ है । सभी मन्दिर देवालय कोविड के नियमों के तहत बन्द हैं तथा बड़े मंदिरों में पुलिस जवान का सुरक्षा बल भी तैनात किया गया है जिनके पहरेदारी में रामलला प्रगट हुए हैं । किसी भी जगह जवार विसर्जन या जुलूस आदि नहीं निकाला जा रहा है ।

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