Wednesday, December 8th, 2021

Recovery : चार साल में पहली बार बजट से 10 फीसदी ज्यादा वसूली, इन दो फैक्टर ने किया काम

सरकार को चालू वित्त वर्ष में टैक्स से होने वाली कमाई बजट अनुमान से 10 फीसदी ज्यादा रहने की उम्मीद है। दो आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चार साल में पहली बार ऐसा होगा, जब कर राजस्व बजट अनुमान से ज्यादा रह सकता है। इसकी प्रमुख वजह भारतीय अर्थव्यवस्था का तेजी से महामारी पूर्व स्तर की ओर बढ़ना है।सरकार ने 31 मार्च को खत्म होने वाले वित्त वर्ष 2021-22 के आम बजट में टैक्स से 15.45 लाख करोड़ की कमाई होने का अनुमान जताया था। यह 2017-18 से दिए जा रहे अनुमान से कम रहा था क्योंकि अर्थव्यवस्था महामारी से पहले ही सुस्त हो गई थी और फिर मंदी की चपेट में आ गई थी। लेकिन, संक्रमण के मामलों में गिरावट एवं पाबंदियों में ढील से खुदरा क्षेत्र की बिक्री में तेजी आई है। निर्यात में भी रिकॉर्ड उछाल आ रहा है। इनसे पता चलता है कि दूसरी लहर के बाद अर्थव्यवस्था उम्मीद से ज्यादा तेजी से सुधार रही है।  जीडीपी की वृद्धि दर इस साल अप्रैल से जून के बीच 20.1% रही थी, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में इसमें 24.4% गिरावट रही थी। उधर, मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने इसी महीने भारत के परिदृश्य को नकारात्मक से स्थिर कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि अर्थव्यवस्था व वित्तीय संस्थानों में कमजोरी बढ़ने की आशंका कम हो गई है।  

राजकोषीय घाटे के मोर्चे पर राहत
दूसरे अधिकारी ने बताया कि सभी संकेतक अर्थव्यवस्था में उम्मीद से ज्यादा तेज सुधार का संकेत दे रहे हैं। सब कुछ सही रहा तो चालू वित्त वर्ष में कर वसूली बजट अनुमान से ज्यादा रहेगी। इसके अलावा, अगर सरकार निजीकरण के मौजूदा दौर में 2021-22 के लिए तय राजस्व लक्ष्य को हासिल कर लेती है तो राजकोषीय घाटा अनुमान से 0.30-0.40% कम रह सकता है। सरकार ने 2021-22 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 6.8 फीसदी तय किया है। 

एअर इंडिया की बिक्री से विनिवेश को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर 2021-22 में 1.75 लाख करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार की विनिवेश योजना को टाटा समूह के हाथों एअर इंडिया की बिक्री से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि एलआईसी के सूचीबद्ध होने से सरकार को एक लाख करोड़ रुपये मिल सकते हैं। सूचीबद्ध कराने की प्रक्रिया मार्च, 2022 तक पूरी होने की उम्मीद है। 

आईएमएफ का आर्थिक वृद्धि को लेकर अनुमान बहुत कम
15वें वित्त आयोग के चेयरमैन एनके सिंह ने मंगलवार को कहा, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का भारत के संभावित वृद्धि दर अनुमान को संशोधित कर 6% करना ‘अत्यधिक कम अनुमान’ है। उन्होंने ऑनलाइन परिचर्चा में कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि जो लोग sssअभी गरीबी से बचे हुए हैं, वे महामारी से दोबारा गरीबी में नहीं चले जाएं।  उन्होंने कहा,  आईएमएफ ने पिछले सप्ताह हमारी मध्यम अवधि की वृद्धि की संभावना को 6.25% से घटाकर 6% किया है। मेरा मानना है कि यह ज्यादा कम आकलन है। वृद्धि की संभावना का आकलन हमेशा से समस्या रहा है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर 9.5% और 2022-23 में 8.5 फीसद रहने का अनुमान है। इसकी वजह आधार प्रभाव और मजबूत वैश्विक वृद्धि है।

Leave a Reply

x
%d bloggers like this: