Friday, October 22nd, 2021

Sachin Pilot Vs Ashok Gehlot :  क्या सचिन पायलट की नाराजगी का हल प्रियंका के पास है ?

नईदिल्ली, न्यूज हसल इंडिया, राजस्थान के पूर्व उप उपमुख्यमंत्री सचिन पायलेट के बगावत को रोकने का प्रयास उस समय से चल रहा है जब वे पिछले साल अपने समर्थकों को लेकर खुलकर विद्रोह पर आ गए थे । और क़ई दिनों तक मान मंनोवल के बाद भी वापस नही होने अड़े थे । लेकिन देरसबेर वे समर्थकों सहित अपने आला कमान के इस आश्वासन पर लौट गए थे कि उनकी शिकायतों का समाधान शीघ्र ही एक सुलह कमेटी करेगी ।

क्या कर रही है सुलह कमेटी

लेकिन एक साल हो गए सचिन पायलट का मसला कांग्रेस आलाकमान हल नही कर पाया है । कहाँ है वह सुलह कमेटी जिनके ऊपर यह जिम्मा सौंपा गया था । सचिन पायलट तो उस समय यही मांग कर रहे थे कि अशोक गहलोत को सीएम पद से हटाया जाए । आगे सीएम चाहे कोई भी बने । लेकिन यह काम नागवार गुजरी । अशोक गहलोत सीएम बने हुए हैं और सचिन पायलट को भी अभी तक उपमुख्यमंत्री पद पर वापस नही लिया गया । अलबत्ता उनके समर्थक व विधायक अभी भी अपने को ठगा सा महसूस कर रहें हैं क्योंकि क़ई उनके भी विधायकों को अभी तक मन्त्री मंडल में जगह नही दी गई है ।

अब सब्र का बांध टूट रहा

अब जबकि जितिन प्रसाद भाजपा में चले गए तो सचिन के समर्थकों का भी सब्र का बांध टूट रहा है । अब वे लोग सचिन पायलट को दबाव बना रहे हैं कि हमारा रिज़ल्ट जल्दी बताया जाए ।तब सचिन पायलट दो दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं । सुना गया है  उनको प्रियंका गांधी ने बुलाया है । आज सचिन पायलट प्रियंका गांधी से मिलने वाले थे ।

सचिन को महासचिव का ऑफर

मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार सचिन पसिलेट को महासचिव का ऑफर दिया गया है । ताकि उनकी राजनीति राज्य से उठकर दिल्ली चली आये और संगठन में काम करे । पर यह सचिन पायलट की समस्या का हल नही है । इससे आखिर उनके समर्थकों का क्या होगा जो सचिन के सहारे प्रदेश संगठन के मुखिया से विद्रोह करके बैठे हैं । इसका हल यही है सचिन पायलेट सीएम बने न बने पर अशोक गहलोत को सीएम से हटाया जाए । अथवा सचिन के समर्थक विधायकों को राज्य में मुंह मांगी कुर्सी दी जाए । पर अशोक गहलोत भी इस ताकत के सामने झुकेंगे नही ।

क्या प्रियंका के पास कोई फार्मूला है ?

अब लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या प्रियंका गांधी सचिन जैसे वरिष्ठ व कद्दावर नेता के बगावत को रोकने में सफल हो पायेगी । क्या प्रियंका गांधी के पास कोई फार्मूला है जिससे वह सचिन पायलट और उनके साथियों को संतुष्ट कर सके । ऐसी जानकारी मीडिया में आ रही कि सचिन पायलट को महासचिव बना दिया जाएगा । पर पायलेट अभी राज्य से बाहर नहीं जाना चाहते । ऐसी दशा में आखिर पायलट की समस्या का अंत क्या है ? उनके दोस्त ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में जाकर राज्य सभा मे चल दिये और अब धीरे से केंद्र में मन्त्री बन जाएंगे ओर हो सकता है अगली बार यदि मध्यप्रदेश में भाजपा को बहुमत मिला तो ज्योतिरादित्य को सीएम का पद भी मिल जाये । तब सचिन पायलट कहां पर रहेंगे यह भविष्य बताएगा । फिलहाल ज्योतिरादित्य और जितिन प्रसाद के भाजपा में जाने के बाद कांग्रेस की बेचैनी बढ़ गई है और प्रियंका को राजनीति ज्वाइन किये अभी बहुत समय नही हुआ है बावजूद गांधी परिवार की वजह से वह महासचिव की कुर्सी पर सुशोभित है । उसके पास राजनीति का बड़ा अनुभव नही है ऐसे में क्या वह सचिन का हल निकाल पाएगी कहना कठिन है !

Leave a Reply

x
%d bloggers like this: