Sunday, May 22nd, 2022

ShriLanka Crisis : श्रीलंका में दंगाईयों को गोली मारने का आदेश

अपनी आजादी के बाद सबसे बड़ी आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे श्रीलंका में हिंसक प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है. इस बीच, खबर यह भी है कि रक्षा मंत्रालय ने थल सेना, वायुसेना और नौसेना कर्मियों की सार्वजनिक संपत्ति को लूटने या आम लोगों को चोट पहुंचाने वाले किसी भी दंगाई को गोली मारने का आदेश दिया है. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे की ओर से लोगों से ‘हिंसा और बदले की भावना वाले कृत्य’ रोकने की अपील के बाद मंत्रालय का यह आदेश सामने आया है. इसके साथ ही, खबर यह भी है कि हिंसक प्रदर्शन और गृहयुद्ध की आशंका के बीच पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे नौसेना के अड्डे में शरण लिये हुए हैं. इससे पहले, खबर यह आई थी कि महिंदा राजपक्षे देश छोड़कर भारत में शरण ले सकते हैं, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है.

श्रीलंका के रक्षा सचिव जनरल (सेवानिवृत्त) कमल गुनारत्न ने मंगलवार को प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और हिंसा नहीं करने का आग्रह किया. इसके साथ ही, उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर सार्वजनिक संपत्ति की लूटपाट और नुकसान पहुंचाना जारी रहा, तो रक्षा मंत्रालय कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने को मजबूर होगा. रक्षा सचिव ने कहा कि मैं सभी युवाओं से हिंसा में शामिल नहीं होने की अपील करता हूं. सार्वजनिक और निजी संपत्ति में आगजनी नहीं करें. आप अपना संघर्ष लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्वक तरीके से करें.’

बताते चलें कि श्रीलंका में तत्कालीन प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के समर्थकों की ओर से देश में घोर आर्थिक संकट पर उन्हें हटाने की मांग कर रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के बाद सोमवार को हिंसा भड़क गई थी. इसमें आठ लोगों की जान चली गई. वहीं, कोलंबो और अन्य शहरों में हुई हिंसा में 200 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं. देश में आर्थिक संकट के बीच सोमवार को महिंदा राजपक्षे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इस घटनाक्रम से कुछ घंटे पहले महिंदा राजपक्षे के समर्थकों द्वारा राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के बाद राजधानी कोलंबो में सेना के जवानों को तैनात किया गया था और राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू लगा दिया गया था.

Leave a Reply

x
%d bloggers like this: