Friday, July 23rd, 2021

TAIWAN के आसमान में चीन के लड़ाकू विमान

TAIWAN के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि चीन के तकरीबन 28 लड़ाकू विमानों ने उसके ‘वायु रक्षा क्षेत्र’ में उड़ान भरी. ताइवान का कहना है कि उसके इलाके में चीन की ओर से की गई ये अब तक की सबसे बड़ी ‘घुसपैठ’ है.

TAIWAN के आसमान में चीन के लड़ाकू विमान
TAIWAN के आसमान में चीन के लड़ाकू विमान

NEW DELHI, NEWS NHI,

TAIWAN इस क्षेत्र को अपना ‘एयर डिफेंस ज़ोन’ बताता है

उसका कहना है कि ‘घुसपैठ’ करने वाले चीन के लड़ाकू विमानों में कुछ परमाणु हथियार गिराने में भी सक्षम थे.

सोमवार को नेटो (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइज़ेशन) के नेताओं द्वारा चीन की सैनिक चुनौती को लेकर चेतावनी देने के बाद ये घटना हुई है.

लोकतांत्रिक ताइवान अपने संप्रभु देश होने का दावा करता है लेकिन चीन उसे अपने अलग हो गए प्रांत के रूप में देखता है.

TAIWAN ने कहा है कि चीन के इस अभियान में 14 जे-16, छह जे-11 और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम चार एच-6 बमवर्षक लड़ाकू विमानों के अलावा एंटी सबमरीन जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया.

TAIWAN जिसे अपना ‘एयर डिफेंस ज़ोन’ बताता है, वो किसी देश के भूभाग के बाहर का वायु क्षेत्र होता है और वहां विदेशी विमानों की गतिविधियों पर नज़र रखी जाती है.

कोई देश अपने राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनज़र उनकी गतिविधियों को नियंत्रित करता है. हालांकि ‘एयर डिफेंस ज़ोन’ की हद देश खुद तय करते हैं लेकिन तकीनीकी रूप से ये अंतरराष्ट्रीय वायु क्षेत्र ही रहता है.

चीनी विमानों ने ताइवान के नियंत्रण वाले प्रतास द्वीप समूहों के करीब उड़ान भरी थी. इसके अलावा ताइवान के दक्षिणी क्षेत्र के इर्द-गिर्द भी चीन विमानों की हलचल देखी गई.

हाल के महीनों में चीन के विमानों ने इस क्षेत्र में बराबर उड़ाने भरी हैं. 24 जनवरी को ऐसे ही एक मिशन में चीन के 15 विमानों ने ताइवान के ‘एयर डिफेंस ज़ोन’ में उड़ाने भरीं जबकि ताइवान ने बताया कि 12 अप्रैल को इन विमानों की संख्या 25 हो गई.

सोमवार को ब्रसेल्स में नैटो देशों की बैठक में चीन की ओर से मंडरा रहे सैन्य खतरे को लेकर चेतावनी दी गई थी. नैटो देशों का कहना है कि चीन अपने परमाणु जखीरे को तेजी से बढ़ा रहा है. उसका रूस के साथ सैन्य सहयोग है.

नेटो ने चीन को अपने सदस्य देशों के लिए चुनौती बताया है.

अब तक नेटो रूस को अपने लिए मुख्य ख़तरा मानता रहा है ऐसे में चीन की तरफ़ नेटो के फ़ोकस को उसके एजेंडे में अहम शिफ़्ट के तौर पर भी देखा जा रहा है.

PHOTO – GOOGLE IMAGES

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