Sunday, October 17th, 2021

अब संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करना चाहता है तालिबान, सोहेल शाहीन को बनाया UN का राजदूत

अफगानिस्‍तान (Afghanistan) के नए शासक तालिबान (Taliban) ने न्‍यूयॉर्क (New York) में जारी संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा (United Nations General Assembly UNGA) के बीच ही यूएन के लिए अपने एक राजदूत की नियुक्ति की है. इसके साथ ही तालिबान ने UNGA से कहा है कि न्‍यूयॉर्क में उनके प्रतिनिधि को सभा को संबोधित करने का मौका दिया जाए.

तालिबान की तरफ से मोहम्‍मद सोहेल शाहीन को यूएन का प्रतिनिधि नियुक्‍त किया गया है. शाहीन कतर में जारी शांति वार्ता के समय संगठन के प्रवक्‍ता के तौर पर थे. माना जा रहा है कि तालिबान के इस कदम से अफगनिस्‍तान के पूर्व राजदूत और तालिबान के बीच में एक नए राजनयिक तनाव की शुरुआत हो सकती है. यूएन एक सर्वोच्‍च संस्‍था है और ऐसे में तालिबान की तरफ से जो फैसला लिया गया है उसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है.

तालिबान का संवेदनशील फैसला

पूरी दुनिया की नजरें इस समय अफगानिस्‍तान में तालिबान के हर एक कदम पर लगी हुई हैं. जहां वैश्विक सुमदाय अभी संगठन को मान्‍यता देने के मूड में नहीं है तो वहीं अब यूएन को लेकर आया तालिबान का यह ऐलान एक संवेदनशील निर्णय करार दिया जा रहा है. सवाल उठने लगे हैं क्‍या वाकई तालिबान को इतने बड़े मंच पर विचारों को साझा करने का मौका देना चाहिए? अगर ऐसा होता है तो किस हद तक आतंकी संगठन को अपने विचार व्‍यक्त करने की आजादी दी जानी चाहिए?

15 सितंबर को UN को मिला संदेश

यूएन के मुखिया एंटोनिया गुटारेशे के प्रवक्‍ता स्‍टीफन दुजारिक के मुताबिक 15 सितंबर को इस बाबत संस्‍था को एक संदेश भेजा गया था. यह संदेश में अफगानिस्‍तान से आने वाले प्रतिनिधिदल के तौर पर अफगान राजदूत गुलात इसाकजई का नाम दर्ज था. पांच दिनों के बाद तालिबान की तरफ से संपर्क किया गया. ‘इस्‍लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्‍तान’ वाले इस लैटरहेड पर विदेश मंत्री के तौर पर आमीर खान मुत्‍तकई के हस्‍ताक्षर थे. मुत्‍तकई ने यूएन में आए ग्‍लोबल लीडर्स के बीच ही अपने प्रतिनिधि को भी शामिल होने की मंजूरी देने का अनुरोध किया था.

तालिबान ने कहा-इसाकजई अब राजदूत नहीं

इस नए संदेश में तालिबान ने दावा किया था कि इसाकजई अब देश के प्रतिनिधि नहीं हैं क्‍योंकि पूर्व राष्‍ट्रपति अशरफ गनी को 15 अगस्‍त को उनके पद से हटा दिया गया था. तालिबान का कहना है कि दुनिया के देश अब उन्‍हें राष्‍ट्रपति के तौर पर स्‍वीकार नहीं करते हैं. इन सभी डेवलपमेंट्स के बाद तालिबान की तरफ से कहा गया कि मोहम्‍मद सोहेल शाहीन को यूएन के प्रतिनिधि के तौर पर स्‍वीकार कर लिया जाए.

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