Friday, July 30th, 2021

Third Wave : विशेषज्ञों ने आशंका से अवगत करा दिया सुरक्षा का उत्तरदायित्व सरकार की -राजेश्री महन्त

रायपुर,न्यूज हसल इंडिया ,कोरोना महामारी के दूसरे लहर की चपेट में पूरे भारतवर्ष में त्राहि-त्राहि मची हुई है अब विशेषज्ञों ने इसके तीसरे लहर के उत्पन्न होने की संभावना से देश को अवगत करा दिया है, तीसरा लहर सितंबर-अक्टूबर महीने में आने की आशंका व्यक्त की जा रही है अभी लगभग पांच से छः महीने का समय सरकार के पास है इस बीच उन्हें ठोस रणनीति अपनाकर यह लहर उत्पन्न ही न हो इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए यह बातें छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज पीठाधीश्वर श्री दूधाधारी एवं श्री शिवरीनारायण मठ ने अभिव्यक्त की उन्होंने कहा कि महामारी से निपटने के लिए विशेषकर केंद्र सरकार को राष्ट्रीय टीकाकरण की नीति को अपना कर महामारी को दैविक प्रकोप या प्राकृतिक आपदा घोषित करते हुए इसके शीघ्रतापूर्ण निदान की कार्यवाही करनी चाहिए। इसके लिए उचित संसाधन विश्व के उन देशों से जहां कोरोनावायरस के संक्रमण पर नियंत्रण प्राप्त हो चुका है से सलाह मशविरा करके समय के पूर्व पूरे देश को उपलब्ध कराये साथ ही संसाधनों के समुचित उपयोग की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, विशेषज्ञों का मानना है कि इस महामारी से उबरने का एकमात्र उपाय पूर्ण टीकाकरण ही है, इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों को दिन रात एक कर के निर्धारित समय के पूर्व संपूर्ण वैक्सीनेशन का कार्य पूर्ण करने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय स्तर पर वैक्सीनेशन की गति अभी नौ दिन चले अढ़ाई कोस वाली कहावत को चरितार्थ कर रहा है इस से काम नहीं चलेगा, जिन कंपनियों को देश में वैक्सीन उत्पादन की जिम्मेदारी दी गई है वे देश की मांग के अनुरूप समय पर उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं। लगभग डेढ़ अरब की आबादी वाले देश में टीकाकरण की गति बढ़ानी ही होगी। बताया जा रहा है कि कोरोनावायरस के तीसरे लहर में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे ज्यादा प्रभावित होंगे इसलिए इनका सितंबर अक्टूबर के पूर्व ही टीकाकरण हो जाए यह बात सुनिश्चित होनी चाहिए। राजेश्री महन्त जी ने कहा कि देश तथा राज्य के अनेक जगहों पर अज्ञानता एवं अशिक्षा एवं भ्रांति के कारण टीकाकरण का विरोध देखने को प्राप्त हो रहा है ऐसे में सभी सामाजिक संगठनों तथा सामाज प्रमुखों से आग्रह है कि वे सामाजिक स्तर पर लोगों को टीका लगाने के लिए प्रेरित करें, इससे पूर्व भी हैजा एवं चेचक जैसे अनेक महा मारियों से देश को टीकाकरण से ही मुक्ति मिली है। कोरोनावायरस के द्वितीय लहर से भारत में जान माल की जो हानि हुई है उसके लिए विश्व स्तर पर भारत की खूब आलोचना हो रही है किंतु आने वाले समय में तीसरे लहर के उत्पन्न होने से देश की प्रतिष्ठा पर कोई आंच न आए इसके लिए सरकार को निर्णयात्मक कार्यवाही करने की आवश्यकता है।

Leave a Reply

x
%d bloggers like this: