Wednesday, September 22nd, 2021

Tokyo Olympics में भारतीय हॉकी का लोहा मनवाने वाले ये हैं 9 जांबाज, इनके पिटारे से निकले 23 जादुई गोल

Tokyo Olympics : 9 जांबाज, 23 गोल

टोक्यो ओलिंपिक की टर्फ पर भारतीय मेंस हॉकी टीम ब्रॉन्ज मेडल जीत की कहानी लिखने में कामयाब रहीं तो इसमें सबसे बड़ा योगदान हरमनप्रीत सिंह का रहा. हरमनप्रीत भारत की ओर से गोल दागने वाले नंबर वन जांबाज रहे. इन्होंने खेलों के महाकुंभ में खेले मेंस हॉकी टूर्नामेंट में कुल 6 गोल दागे. यानी भारत की ओर से हुए 23 गोल में से आधा दर्जन गोल अकेले हरमनप्रीत सिंह की स्टिक से निकले.

गोल दागने में भारत के दूसरे जांबाज रूपिंदर पाल सिंह रहे. इन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 4 गोल दागे और हरमनप्रीत के बाद दूसरे सबसे सफल स्कोरर रहे. रूपिंदर पाल सिंह ने अपने सभी गोल पेनाल्टी कॉर्नर पर दागे. इससे पता चलता है कि इन्हें भारत का ड्रैग फ्लिक स्पेशलिस्ट क्यों कहा जाता है.

भारत के लिए सबसे ज्यादा गोल दागने में तीसरे नंबर के जांबाज खिलाड़ी सिमरनजीत रहे, जिन्होंने 3 गोल किए. इनके बाद चौथे, 5वें और छठे नंबर पर गोल दागने के मामले में दिलप्रीत, हार्दिक और गुरजंत रहे. इन तीनों ने ही 2-2 गोल टूर्नामेंट में दागे और भारत की ऐतिहासिक जीत में अपना योगदान दिया.

इन सभी के अलावा टूर्नामेंट में कई भारतीय खिलाड़ी ऐसे रहे जो ओलिंपिक की टर्फ पर गोल का अपना खाता खोलने में कामयाब रहे. इनमें कप्तान मनप्रीत सिंह के अलावा, विवेक प्रसाद और वरूण कुमार का नाम शामिल रहा. इन सभी ने 1-1 गोल दागे. भारतीय टीम ने टोक्यो की टर्फ पर ओलिंपिक का अपना तीसरा ब्रॉन्ज जीता है. इससे पहले उसने 1968 के ओलिंपिक में वेस्ट जर्मनी को 2-1 से हराकर और 1972 के ओलिंपिक में नीदरलैंड्स को भी 2-1 से हराकर ब्रॉन्ज जीता था.

Leave a Reply

x
%d bloggers like this: