Friday, July 23rd, 2021

Vaccination 18 + : क्या नहीं थमेगा मौत का मंजर ? 1 मई से वेक्सीन और राज्यों ने खड़े किए हाथ, उपलब्धता पर उठे सवाल !

Vaccination : नईदिल्ली, न्यूज हसल इंडिया NHI,

केंद्र सरकार ने 1 मई से 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को वैक्सिन (Vaccination) लगाने की घोषणा की है । तदनुसार राज्य सरकारों ने 18 से ऊपर के लोगों को एक मई से टीकाकरण करने की योजनाएं तैयार कर ली है पर दुखद पहलू है कि राज्यों को वैक्सिन ही नहीं मिल रही है तो एक मई से कैसे टीकाकरण किया जा सकता है ।अब राज्य सरकारें अपील कर रहीं हैं कि कल कोई टीकाकरण केंद्र न आएं क्योकि अभी वैक्सीन नहीं है ।

अभी तो राज्यों के पास 45 से ऊपर उम्र के लोगों के लिए ही वैक्सिन की पूरी खेप नही भेजी गई है फिर 18 से ऊपर वालों के लिए एलान की जल्दबाजी का क्या औचित्य था । मोदी जी के एलान के बाद राज्य सरकारों ने सीरम इंस्टिट्यूट को अपना आर्डर भेज दिया है पर सीरम इंस्टीट्यूट ही हाथ खड़ा कर दिया है कि वह इतने अल्प समय मे वैक्सिन की पूर्ति नहीं कर पाएगी । आज अरविंद केजरीवाल ने हाथ जोड़कर अपील की है कि हमारे पास वैक्सिन नही है ।

आप लोग कल टीकाकरण केंद्र न आएं जब वैक्सिन आ जायेगी हम सूचित करेंगे। यही स्थिति अन्य राज्यों की भी है जहां 1 मई से टीकाकरण की घोषणा हो गई है पर स्टॉक ही नही है । क़ई राज्य हाथ खड़े कर दिए हैं जिनमे दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात,पंजाब, आंध्रप्रदेश , तेलंगाना , राजस्थान, कर्नाटक,तमिलनाडु,का नाम लिया जा सकता है। छत्तीसगढ़ में यद्यपि कल एक मई से टीकाकरण 18 से ऊपरवालों के लिए शुरू किया जा रहा है लेकिन यहां भी असमंज की स्थिती बनी हुई है ।

यहां अभी तीन लाख की खेप आई है उससे वह शुरू कर सकती है आगे अगर एक दो दिनों में और खेप नही आती है तो 18 के ऊपर वाला वेक्सिनेशन रोकना पड़ेगा । छत्तीसगढ़ सरकार ने तो 50 लाख का ऑर्डर दिया है पर सीरम इंस्टीट्यूट से प्रॉपर कोई जवाब नहीं दिया है । बताया जाता है सीरम इसके लिए तीन माह तक समय मांग रही है । मोदी के एलान करने के ठीक बाद 18 के ऊपर वालों का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया । देश भर में युवाओं ने टीकाकरण में उत्साह दिखाते हुए बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन कराया है

और अब उनको एक मई का इंतजार है । लेकिन वैक्सिन उत्पादक कम्पनियां इसकी इतनी तेजी से पूर्ति करने में असमर्थ है । केंद्र सरकार ने विदेशी वेक्सिनों को भी अपने देश के लिए टटोला है तथा कुछेक को आपात उपयोग के लिए मंजूरी भी दी गई है । पर विदेशी वेक्सिनों को अपने देश में अभी भरोसा बैठा नही है इसलिए उसके उपयोग की झिझक बनी रहेगी । ज्यादातर देशीय कोविशील्ड और कोवेक्सीन को ही इंडिया में भरोसेमंद माना जा सकता है ।

रूस ने अपने देश की स्पूतनिक वैक्सिन को देने की पहल की है । सम्भव है कम पड़ने पर इसके उपयोग के लिये प्रेरित किया जाएगा । क्योंकि रूस इंडिया का सबसे पुराना और विश्वसनीय साथी है । यह बड़ा सवाल है कि आखिर अब करोड़ो में रजिस्ट्रेशन हो चुके 18 से ऊपर उम्र के लोगों को कब टीकाकरण हो पायेगा । आज के जो हालात हैं उसमें सभी जगह एक मई से टीकाकरण शुरू नहीं हो सकता । ओर कोरोना अभी सर चढ़कर बोल रहा है ।

कोरोना की दूसरी लहर बहुत खतरनाक होने के साथ तेजी से फैल रही है । भारत मे संकृमितों की संख्या पौने चार लाख में पहुंच चुकी है और हर रोज अब साढ़े तीन हजार लोग कोरोना से मर रहें हैं । कल 3645 पहली बार सबसे बड़ी मौतें भारत में हुई है । स्थिति वाकई बहुत गम्भीर है । एक ही परिवार में 3 से चार लोगों की भी मौतें हो रही है । बहुत खतरनाक बना हुआ है वातावरण । लीगों को किसी अस्पताल में न बिस्तर मिल रहा है न दवा ।

न आक्सीजन मिल रहा है न वेंटिलेटर , न ही रेमडिसिवर इंजेक्शन मिल रहा है । आखिर अब लोग क्या करें । टीकाकरण ही कोरोना से मुक्ति का एक मात्र उपाय दिख रहा है पर उसके लिए भी वेक्सीन चाहिए जिसकी पूर्ति नहीं हो पा रही है । अदालत में राहत दिलाने सैकड़ों अर्जियां पड़ी है । और राज्य सरकारों से रिपोर्ट पूछी जा रही है । पर राज्य सरकारों के पास इस वक्त बेबसी के सिवा कुछ नहीं है । केंद्र सरकार को एक मई से वेक्सिनेशन पर फिर से विचार करने की फौरी जरूरत है क्योंकि एक तरफ संक्रमण तेजी से फैल रहा है

वहीं दूसरी तरफ टीकाकरण के लिए वैक्सिन नही है जबकी सरकार करोड़ो लोगों का रजिस्ट्रेशन करके बैठी है । ऐसे में देश के करोड़ो युवाओं को निराशा हाथ लगेगी । इसे ततकाल विचार कर वेक्सीन की पूर्ति को यथासमय पूर्ति करने की जवाबदारी केंद्र की बनती है । बहुत सोचसमझकर इन चीजों का एलान करना था पर सरकार इस वक्त जल्दबाजी में काम कर रही है उसका नतीजा यह होगा कि वैक्सिन की कालाबाजारी होने लगेगी जिसके लिए कौन जिम्मेदार होगा ।बेहतर यही है केंद्र सरकार 18 से ऊपर के वेक्सीन की उपलब्धता की पूरी समीक्षा करें और होने वाली अव्यवस्था से बचे । यही एक रास्ता सामने है ।

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