Friday, October 22nd, 2021

World’s largest expressway (Delhi To Mumbai): दिल्ली से मुंबई के बीच बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे, जानिए पूरी जानकारियां

Delhi-Mumbai Expressway Route: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश के छह राज्यों से गुजरेगा, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं।

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आपको बता दें आठ लेन वाला यें एक्सप्रेस-वे 1380 किमी लंबा है. इस प्रोजेक्ट की पूरी लागत करीब 98 हजार करोड़ रुपये है. गडकरी ने शुक्रवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के भरूच खंड का निरीक्षण करने के बाद हाल ही में घोषणा की कि नर्मदा स्टील पुल 32 महीने के रिकॉर्ड समय में बनाया गया था.

  • एक्सप्रेस-वे 1,380 किमी लंबा होगा जो कि जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) तक जाएगा, लेकिन अब सरकार इसे नरीमन पॉइंट तक ले जाने की भी योजना बना रही है.
  • एक्सप्रेस-वे को 98,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है. इस एक्सप्रेस-वे की कुल दूरी 1,380 किलोमीटर है.
  • एक्सप्रेस-वे दिल्ली के शहरी केंद्रों को कॉरिडोर के दिल्ली-फरीदाबाद-सोहना सेक्शन के साथ-साथ जेवर एयरपोर्ट और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट को मुंबई से एक स्पर के जरिए जोड़ेगा.
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  • पहले कार से मुंबई से दिल्ली तक की दूरी तय करने में 24-26 घंटे लगते थे, लेकिन अब इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद 12-13 घंटे लगेंगे.
  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 93 जगहों पर एटीएम, होटल, रिटेल शॉप, फूड कोर्ट, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन और फ्यूल स्टेशन जैसी सुविधाएं मिलेंगी.
  • यह देश का पहला एक्सप्रेसवे होगा जिसमें दुर्घटना पीड़ितों के लिए हर 100 किलोमीटर पर हेलीपैड और ट्रॉमा सेंटर होगा.
  • दिल्ली-मुंबई के इस एक्सप्रेस-वे को पर्यावरण के अनुकूल विकसित किया जा रहा है, जिसको 2 मिलियन पेड़ों से कवर किया हैं.
  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे दिल्ली में दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट फ्लाईवे (DND फ्लाईवे), हरियाणा में कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे (KMP) और गुजरात में अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे जैसे कई अन्य एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ा होगा. महाराष्ट्र में इसे मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा.

World’s Longest Expressway: दिल्ली से मुंबई के बीच का दुनिया का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे (Delhi-Mumbai Expressway) मार्च 2023 तक आम लोगों के लिए खुल सकता है. 1380 किमी लंबे इस आठ लेन वाली एक्सप्रेस-वे के जरिए कुछ शहरों के बीच की दूरियां कम हो जाएंगी और पहले जो दूरी तय करने में 24 घंटे लगते थे, उसे महज 12-12.5 घंटे में ही तय किया जा सकेगा. यह एशिया का पहला और दुनिया का दूसरा एक्सप्रेसवे होगा जहां बिनी किसी रिस्ट्रिक्शन के लिए वाइल्डलाइफ मूवमेंट जारी रहेगा.

इस एक्सप्रेस-वे का केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को दो-दिनी रिव्यू खत्म किया. इस दौरान कार्यों का जायजा लेने के लिए उन्होंने दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और मध्य प्रदेश का दौरा किया. इस प्रोजेक्ट की पूरी लागत करीब 98 हजार करोड़ रुपये है और इसे मार्च 2023 तक पूरा किया जाना है. हालांकि अगले साल मार्च 2022 तक दिल्ली-जयपुर (दौसा)-लालसोट और वडोदरा-अंकलेश्वर मार्ग खुल सकता है.

Delhi-Mumbai ExpressWay के फीचर्स

  • अभी इस एक्सप्रेस-वे में आठ लेन हैं लेकिन ट्रैफिक के मुताबिक इसे 12 लेन तक बढ़ाया जा सकता है.
  • इस एक्सप्रेस-वे के किनारे रिजॉर्ट्स, फूड कोर्ट्स, रेस्तरां, फ्यूल स्टेशंस, लॉजिस्टिक पार्क और ट्रक वालों के लिए फैसिलिटीज जैसी सुविधाएं रहेंगी.
  • कोई एक्सीडेंट होने पर हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सर्विस की सुविधा रहेगा और यहां हेलीपोर्ट भी रहेगा जो बिजनेस के लिए ड्रोन सर्विसेज का प्रयोग करेंगी.
  • हाईवे पर 20 लाख से अधिक पेड़ों व झाड़ियों को भी लगाए जाने की योजना है.
  • यह एशिया का पहला और दूसरा हाईवे प्रोजेक्ट है जिसमें जानवरों के लिए भी रास्ते बनाए जा रहे हैं ताकि वाइल्डलाइफ मूवमेंट पर असर न पड़े.
  • प्रोजेक्ट के तहत आआठ लेन वाली दो आइकॉनिक सुरंग का भी निर्माण किया जाएगा.
  • हाईवे के चलते सालाना 32 लाख लीटर से अधिक तेल की बचत होगी और कॉर्बन डाई ऑक्साइड उत्सजर्न में भी 85 करोड़ किग्रा की कमी आएगी.
  • प्रोजेक्ट के तहत 12 लाख टन स्टील का इस्तेमाल होगा जिससे 50 हावड़ा ब्रिज बनाए जा सकते हैं.
  • प्रोजेक्ट के तहत 80 लाख टन स्टीन की खपत होगी जो देश में सालाना सीमेंट उत्पादन का करीब 2 फीसदी है.
  • इस एक्सप्रेस-वे के चलते 50 लाख से अधिक दिनों के काम के साथ हजारों प्रशिक्षित सिविल इंजीनियरों को रोजगार मिला है.

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